5,923 संदिग्ध मामलों में भुगतान का आरोप
ED के मुताबिक, वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच सिरोंज जनपद पंचायत में योजना के तहत करीब 30.18 करोड़ रुपए की सरकारी राशि संदिग्ध तरीके से मंजूर और वितरित की गई। जांच में 5,923 संदिग्ध मामलों का पता चलने की बात सामने आई है।
योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों के विवाह के लिए 51 हजार रुपए की सहायता दी जाती थी।
फर्जी दस्तावेजों से खाते खोलने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि कथित फर्जीवाड़े में फर्जी आवेदन और हितग्राहियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर सरकारी राशि ट्रांसफर की गई और बाद में कई खातों से नकद रकम निकाली गई।
ED के अनुसार, जांच में अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिए जाने के मामले भी सामने आए हैं।
कोरोना काल में भी संदिग्ध भुगतान
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कोविड-19 के दौरान विवाह पर प्रतिबंधों के बावजूद योजना के तहत कई संदिग्ध भुगतान किए जाने का आरोप है।
पहले EOW भी कर चुकी है कार्रवाई
यह मामला वर्ष 2022 में सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने शोभित त्रिपाठी के साथ कथित घोटाले से जुड़े दो बाबुओं को भी गिरफ्तार किया था। त्रिपाठी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
अब ED इस पूरे मामले की मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।
राजनीतिक कनेक्शन की भी चर्चा
शोभित त्रिपाठी को सागर से जुड़े एक पूर्व मंत्री का रिश्तेदार बताए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस कथित रिश्तेदारी का घोटाले में उनकी भूमिका से क्या संबंध है, यह जांच का विषय है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।



